इंट्राडे ट्रेडिंग जुआ है

अनुशंसित: सबसे अच्छा CFD BROKER

9 जिन शेयर्स का  आज का open high के बराबर हो या open low  के बराबर हो वो शेयर्स इंट्राडे के लिए सबसे अच्छे शेयर्स होते है

शेयर बाजार में महिलाओं का नया खेल - women intra day

शेयर बाजार में overnight position भी एक risk की तरह ही है मान लो रातो रात कोई हमला हो जाये या फिर कोई आर्थिक जगत की ऐसी खबर आ जाये जिससे अगले दिन बाजार में शेयर्स के दाम पिछले दिन की क्लोजिंग प्राइस से भी बहुत नीचे गिर जाए तो ऐसे में केवल निवेशक को नुकसान ही होता है | लेकिन इंट्राडे में सौदे एक दिन में ही पूरे कर लिए जाते है तो इसमें overnight position risk नहीं होता|

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ऐसे ट्रेड जिन्हे एक दिन के अंतराल में ही पूरा कर लिया जाता है इंट्राडे ट्रेडिंग कहलाता है | जिसमे निवेशक शेयर्स खरीदता है और फिर शाम तक उसे बेच देता है |
शेयर्स के खरीदने और बेचने के बीच का अंतर ही उस निवेशक का मुनाफा तय करता है । निवेशक इंट्राडे ट्रेडिंग में Overnight Position होल्ड नहीं कर सकते | बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग करने का समय सुबह 9:65 बजे से लेकर शाम बजे तक का होता है |

Investments Archives | अ डिजिटल ब्लॉगर

Intraday Trading करने के लिए आपके पास एक ट्रेडिंग अकाउंट का होना अनिवार्य है जो आप किसी भी ब्रोकर्स के पास खुलवा सकते है क्योकि शेयर्स के पैसो का लेन देन केवल ट्रेडिंग अकाउंट के माधयम से ही किया जाता है अधिक जानकारी के लिए आप हमारी ट्रेडिंग क्या होता है वाली पोस्ट देख सकते है और अगर आप Zerodha पर ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाना चाहते है तो यह पोस्ट देखे |

निवेश करना आसान है - mr

बाजार की गतिविधियां अप्रत्याशित हैं। हमें सुरक्षा खरीदते या बेचते समय हमेशा अपने ट्रेड को एक स्टॉप लॉस देना चाहिए। कभी-कभी ट्रेड टेक्निकल इंडीकेटर्स हमें गलत संकेत देते हैं। हमें अपने ट्रैक रिकॉर्ड के बारे में झूठ नहीं बोलना चाहिए। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव दोनों होते हैं। हमें अपने जोखिम का प्रबंधन करना चाहिए। यदि हम अपने नुकसान की जांच करते हैं, तो हम भविष्य में नुकसान से बचने का एक उपाय खोज सकते हैं। हमें अपने लाभ की भी जांच करनी चाहिए हमें अपने लाभ को बढ़ाने के लिए एक विधि मिल सकती है।

5   ये सब  पॉइंट्स जो मैंने आपको इंट्राडे के लिए बताये है इनमे से जो भी शेयर आप चुने उसमे पहले ऑवर मे 6 लाख से ज्यादा का  ट्रेडेबल वॉल्यूम होना चाहिए जो वॉल्यूम आपको बहार स्क्रीन पर दीखता है वो ट्रेडेबल वॉल्यूम नहीं होता है वो ओवरआल वॉल्यूम होता है इसलिए ट्रेडेबल वॉल्यूम देखने के लिए hourly statistics को यूज़ करे उसमे आपको सही से पता चल जायेगा की कितने शेयर्स की ट्रेडिंग अब तक हो चुकी है l

ट्रेडिंग करते समय मार्केट टाइमिंग एक महत्वपूर्ण कारक है, प्रवेश और निकास का समय बहुत महत्वपूर्ण है। यदि बाकी लोग ट्रेड में स्थिर हैं, तो हम दूसरों के मुकाबले प्रवेश और निकास कर के लाभ कमा सकते हैं। हमें टेक्निकल एनालिसिस इंडीकेटर्स द्वारा दिए गए शुरुआती संकेतों की अभिरूचि करनी चाहिए और तदनुसार कार्य करना चाहिए।

ठीक इसी प्रकार लोग इंट्राडे ट्रेडिंग में पैसे बनाते है लेकिन ज्यादातर लोग इसमें केवल नुक्सान ही करते है | हालांकि सफ़ल ट्रेडर्स को भी नुकसान करते है लेकिन उनके नुकसान की भरपाई उनका मुनाफा कर देता है | इंट्राडे ट्रेडिंग में ब्रोकर्स मार्जिन मनी की सुविधा देते है जिसका मतलब अगर आपके पास केवल 65 हज़ार ही है तब भी आप Rs 6 Lakh तक का ट्रेड ले सकते है |

इंट्राडे ट्रेडिंग में आपको शाम तक अपना सौदा पूरा करना होता है भले ही आपको फायदा हो या नुक्सान लेकिन आपको अपनी पोजीशन square off अथार्थ बराबर करनी पड़ती है |

कई टेक्निकल एनालिसिस इंडीकेटर्स हैं और उसी के कई संयोजन संभव हैं। लेकिन एकल ट्रेड के लिए इन सभी इंडीकेटर्स का एनालिसिस करना असंभव है। हमें अपनी खुद की ट्रेडिंग प्रणाली स्थापित करनी चाहिए और टेक्निकल एनालिसिस के उन इंडीकेटर्स का विश्लेषण करना चाहिए जिन्हे हम समझते हैं और हम जिन के साथ सहज हैं।

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