India News: कोविड-19 से निपटने में भारत ने किया सही

विकल्प भारत को समझाया

विकल्प भारत को समझाया

अनुशंसित: सबसे अच्छा CFD BROKER

8. इसके बाद, अपने कंप्यूटर पर पर जाएं और उस छवि या वीडियो का पता लगाएं, जिसे आप फिर से साझा करना चाहते हैं। 9. अब, आप किसी भी वीडियो पर पॉइंटर को हॉवर करते हैं, एक डाउनलोड बटन पॉप अप होगा। अपने कंप्यूटर पर सामग्री डाउनलोड करने के लिए इसे क्लिक करें।

103 लोगों के खिलाफ कार्रवाई,सात दुकानों को कराया बंद

दिल्ली के आनंद विहार में 69 फरवरी को पीएम का अधिकतम स्तर 959 आंका गया था जो बेहद ख़तरनाक माना जाता है. इस स्तर पर स्वस्थ लोगों को काफ़ी नुकसान होता है और बीमार लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ते हैं.

Third Video Of Rahul Gandhi Released On Indo-China Border

अनीश बताते हैं, "लॉकडाउन के बाद हमारे ऑफिस में काम वैसा ही चल रहा है, जैसा कि पहले चल रहा था. अंतर सिर्फ इतना है कि कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिनमें आमने-सामने होने की वजह से प्रतिक्रिया तेज़ होती है. लेकिन ऐसा नहीं है कि काम बिलकुल ठप हो गया हो. आज की तारीख़ में विशेषत: सर्विस सेक्टर में सब कुछ डिजिटल हो चुका है. हर सर्विस क्लाउड पर मौजूद है. ऐसे में काम पर कोई भारी असर नहीं पड़ रहा है."

Maruti Suzuki Chairman Rc Bhargava Told Formula To Stop

लॉकडाउन के दौरान छोटी से लेकर बड़ी कंपनियों में वे सभी गतिविधियां जारी हैं जिनके लिए लोग ट्रैफिक में घंटों खड़े रहकर ऑफ़िस पहुंचते थे.

ट्रम्प का वीज़ा कंट्रोल कुशल एनआरआई को वापस भारत आने के

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दिल्ली सरकार के लिए इन क़दमों को उठाना आसान है और सरकार घटते हुए प्रदूषण को देखते हुए क्या क़दम उठाने पर विचार कर रही है.

News18 पर General . Singh ने LAC और LOC के फर्क को

क्लाइमेट चेंज मिटिगेशन पर काम करने वाले डॉ. कपिल सुब्रमण्यम मानते हैं कि सरकारों को आम लोगों और कंपनियों को समझाते हुए कड़े क़दम उठाने होंगे.

वे कहते हैं, "मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए ऐसा करना संभव नहीं है कि हफ़्ते में दो या तीन दिन वर्क फ्रॉम होम कर दिया जाए लेकिन सर्विस सेक्टर के लिए ये पूरी तरह संभव है. क्योंकि लॉकडाउन में भी सर्विस सेक्टर काम कर ही रहा है और वायु प्रदूषण भी बहुत ख़तरनाक है जिसे कम किए जाने की ज़रूरत है."

जब तक विदेशी सरकारें और इंटरनेशनल डेवलपमेंट एनआरआई (अनिवासी भारतीय) को बाहर नहीं निकाल देते और यदि उनके पास जाने के अलावा कोई और विकल्प है, तो वह बड़ी मात्रा में भारत वापस आना पसंद नहीं करेंगे। इंटरनेट ने एनआरआई और उनके घरों के बीच भावनात्मक दूरी को भारत में लगभग शून्य कर दिया है।विदेश में, भारतीय फिल्में, संगीत, भोजन और समुदाय आसानी से उपलब्ध हैं। लंबी दूरी के राष्ट्रवाद के रूप में लंबी दूरी की देशभक्ति संभव है। मोदी सरकार लाँग-डिस्टेंस वोटिंग के विचार के साथ अपना राजनीतिक खेल भी खेल रही है। भारत से लगातार जुड़े रहने के बावजूद भी पहली (विकसित) दुनिया के देशों में शारीरिक रूप से रहना आसान होगा

लेकिन इस सबके बीच एक अच्छी ख़बर ये आई है कि लॉकडाउन की वजह से भारत की राजधानी दिल्ली समेत तमाम दूसरे शहरों में वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण में भारी कमी आई है.

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टर्स मास्क पहनने पर जोर दे रहे हैं। कई लोग मास्क के विकल्प के रूप में गमछा एवं रुमाल का भी यूज कर रहे हैं। हालाकि कई एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि गमछा या रुमाल से नाक और मुंह को ढका तो जा सकता है लेकिन इसे अगर गलत तरीके से बाधा गया तो संक्रमित होने का अंदेशा बना रहता है। ऐसे में इसको बाधने के दौरान सतर्क रहना जरूरी है। इसके अलावा ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीें है जो गमछा या मास्क लगा तक नहीं रहे हैं।

क्रिप्टोकरेंसी में स्टार्ट ट्रेडिंग

एक टिप्पणी छोड़ें